वाराणसी में CM योगी का दर्शन-पूजन, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार (4 अप्रैल 2026) को वाराणसी दौरे के दौरान प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत श्री काल भैरव मंदिर से की, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा की और आरती उतारी। काल भैरव को काशी का “कोतवाल” माना जाता है और उनके दर्शन को विशेष महत्व दिया जाता है।
इसके बाद वे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक और षोडशोपचार पूजन किया। मंदिर परिसर इस दौरान “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा। (
यह दौरा उनके दो दिवसीय वाराणसी कार्यक्रम का हिस्सा है। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ मुख्यमंत्री ‘स्कूल चलो अभियान’ की शुरुआत करने और शहर में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा भी करेंगे।
इस दौरान उनका संदेश स्पष्ट रहा—आध्यात्मिक परंपरा और जनकल्याण को साथ लेकर प्रदेश के सर्वांगीण विकास की दिशा में आगे बढ़ना।


वाराणसी में ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य की भव्य प्रस्तुति, CM योगी रहे मौजूद
वाराणसी में आयोजित तीन दिवसीय महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ की भव्य प्रस्तुति ने दर्शकों को इतिहास और संस्कृति से जोड़ने का कार्य किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे और कार्यक्रम का अवलोकन किया।
इस महानाट्य में सम्राट विक्रमादित्य के जीवन, न्यायप्रियता और शौर्य को प्रभावशाली तरीके से मंचित किया गया। प्रस्तुति का उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारतीय इतिहास के गौरवशाली अध्यायों से परिचित कराना है। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों ने कला, संस्कृति और इतिहास के अनूठे संगम का अनुभव किया।
आयोजकों के अनुसार, यह महानाट्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक अभियान भी है, जो समाज में आदर्श शासन, न्याय और वीरता के मूल्यों को पुनर्स्थापित करने का संदेश देता है।
इस अवसर पर राज्य सरकार की ओर से सांस्कृतिक क्षेत्र को प्रोत्साहन देने हेतु महत्वपूर्ण घोषणाएँ भी की गईं। इनमें ₹1.01 करोड़ का ‘सम्राट विक्रमादित्य अंतरराष्ट्रीय सम्मान’, ₹21 लाख का राष्ट्रीय सम्मान तथा ₹5-5 लाख के तीन राज्य स्तरीय सम्मान शामिल हैं।
यह आयोजन उत्तर प्रदेश में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।












