अतिक्रमण पर चला कलेक्टर का पीला पंजा, गोराघाट में प्रशासन की सख्त कार्रवाई!
दतिया। कहते हैं कि किसी भी जिले की दिशा और दशा वहां के कलेक्टर के नेतृत्व से तय होती है। यदि कलेक्टर ईमानदार, संवेदनशील और निर्णयक्षम हो, तो प्रशासनिक कार्यों में गति अपने आप आ जाती है। दतिया को ऐसे ही कलेक्टर मिले हैं—स्वप्निल वानखेड़े, जो नाम से नहीं बल्कि अपनी कलम और फैसलों से पहचाने जाते हैं। उनके मार्गदर्शन में दतिया जिला लगातार प्रगति और विकास के पथ पर अग्रसर है।
चाहे शहर हो, कस्बा हो या फिर ग्रामीण अंचल—अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कलेक्टर वानखेड़े की सख्ती हर जगह देखने को मिल रही है। इसी क्रम में गोराघाट क्षेत्र से अतिक्रमण की शिकायत मिलते ही कलेक्टर ने तत्काल राजस्व विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर के आदेश पर तहसीलदार जगदीश घनघोरिया के साथ पटवारी धर्मेंद्र रावत और सेक्रेटरी विश्वामित्र शर्मा और सरपंच राकेश बंशकार ने बिना देरी किए मौके पर पहुंचकर प्रशासनिक अमले के साथ-साथ नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों के साथ तथा स्थानीय पुलिस बल के सहयोग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया।
गौरतलब है कि तहसीलदार द्वारा चार दिन पूर्व ही अतिक्रमणकारियों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्देशों की अनदेखी की गई। इसके बाद आज सुबह 11 बजे इंदरगढ़ रोड स्थित गोराघाट क्षेत्र में प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए अतिक्रमण हटाया। कार्रवाई के दौरान गोराघाट पुलिस बल मौजूद रहा, जिससे पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और प्रभावी रही।
कार्रवाई यहीं तक सीमित नहीं रही। तहसीलदार जगदीश घनघोरिया ने ग्वालियर-झांसी नेशनल हाईवे 44 के किनारे बने अवैध भवनों का भी निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि कई मकान नियमों के विरुद्ध हाईवे से मात्र 10 मीटर के भीतर बनाए गए हैं। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की गाइडलाइन के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र से निकले नेशनल हाईवे से कम से कम 10 मीटर की दूरी छोड़कर ही निर्माण किया जा सकता है। इसके लिए एनएचएआई, जिला प्रशासन और संबंधित नगर पालिका, नगर पंचायत या ग्राम पंचायत से एनओसी लेना अनिवार्य होता है।
तहसीलदार ने ऐसे भवन निर्माताओं को दो दिन का अंतिम नोटिस देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय में स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन जेसीबी मशीनों से सख्त कार्रवाई करेगा।
कुल मिलाकर, दतिया प्रशासन का यह कदम साफ संदेश देता है कि नियमों से ऊपर कोई नहीं और जिले में अवैध अतिक्रमण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।











