संवाददाता , मोहसिन अहमद
लोकेशन , विदिशा
स्लग , जीते जी शवयात्रा
विदिशा में घर से गई बेटी का परिजनों ने किया प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार
बेटी के फैसले ने तोड़ दिया परिवार, विदिशा में निकली प्रतीकात्मक अंतिम यात्रा
घर छोड़कर गई युवती, सदमे में परिजनों ने शमशान में किया प्रतीकात्मक संस्कार
विदिशा में भावुक घटना: बेटी के जाने से टूटे परिजन, आटे से बना पुतला और अंतिम संस्कार
विदिशा में घर से गई बेटी की परिवार ने निकाली अर्थी
एंकर , विदिशा में आज एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने पूरे शहर को भावुक कर दिया। यहां एक परिवार ने घर से चली गई अपनी बेटी का प्रतीकात्मक रूप से अंतिम संस्कार कर दिया। मामला शहर की चुना बाली गली का है, जहां रहने वाले कुशवाह परिवार ने अपनी 23 वर्षीय बेटी के फैसले से आहत होकर यह कदम उठाया।
वीओ , जानकारी के मुताबिक, कुशवाह परिवार की बेटी कविता कुशवाहा कुछ दिन पहले घर से चली गई थी। परिजनों ने पहले आसपास और रिश्तेदारी में उसकी काफी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला, तो बाद में जानकारी सामने आई कि वह एक युवक के साथ घर छोड़कर गई है। इस खबर से पूरा परिवार सदमे में आ गया।
वीओ , दुख और पीड़ा में डूबे परिजनों ने कविता का आटे से पुतला बनाया, अर्थी सजाई और शहर में प्रतीकात्मक रूप से उसकी अंतिम यात्रा निकाली। इसके बाद शमशान घाट पहुंचकर विधि-विधान से उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिवार के कई रिश्तेदार भी मौजूद रहे।
बाइट – राजेश कुशवाहा (भाई)
“हमने बहन को बहुत लाड़-प्यार से पाला, उसकी हर इच्छा पूरी की। उसे अच्छे से पढ़ाया-लिखाया, उससे हमें बहुत उम्मीदें थीं। लेकिन वह हम सबको छोड़कर चली गई। आज हमने बेटी नहीं, अपने अरमानों की अर्थी निकाली है।”
वीओ , परिवार का कहना है कि इस फैसले ने उन्हें भीतर तक तोड़ दिया है और वे गहरे मानसिक आघात में हैं।
बाइट – रामबाबू कुशवाहा (पिता)
“बेटी के इस फैसले से मैं पूरी तरह टूट गया हूं। यह मेरे जीवन का सबसे दुखद क्षण है।”












