कोलकाता नगर निगम की वेबसाइट पर सनसनीखेज ‘कुत्ते के नाम पर व्यापार’ विवाद!
बेबी चक्रवर्ती: कोलकाता:- शहर के व्यापार जगत में एक नया विवाद छिड़ गया है। कोलकाता नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर ट्रेड लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय, सरकारी दस्तावेज़ों की सूची में अचानक एक अजीब विकल्प दिखाई दिया—’टीकाकरण प्रमाणपत्र (कुत्तों के पंजीकरण के लिए)’!
व्यापार लाइसेंस जैसे गंभीर मामले में कुत्ते के टीकाकरण प्रमाणपत्र का ज़िक्र देखकर कई लोग हैरान रह गए। सवाल उठता है—तो क्या इस बार कोलकाता में कुत्तों के नाम पर व्यापार शुरू किया जा सकता है?
नागरिकों के बीच पहले से ही तीखे व्यंग्य का दौर चल रहा है। कुछ लोगों ने कहा, “पहले मैंने भ्रष्ट नेताओं और मंत्रियों को कुत्तों के नाम पर फ्लैट खरीदते देखा था। अब मुझे समझ आ रहा है कि वे उनके दिखाए रास्ते पर चलेंगे और कुत्तों के नाम पर कंपनियाँ खोलकर व्यापार शुरू करेंगे!”
हालांकि प्रशासनिक हलकों में दावा किया जा रहा है कि यह शायद वेबसाइट पर कोई तकनीकी त्रुटि है या पालतू जानवरों के पंजीकरण से जुड़ा कोई गलत कॉलम है। हालाँकि, तब तक आम लोगों के बीच हास्य की लहर दौड़ चुकी है।
सोशल मीडिया पर कोई लिख रहा है, “इस बार मेरा पालतू डॉगी-टाई एमडी (प्रबंध निदेशक) होगा!” कोई कह रहा है, “अगर लाइसेंस कुत्ते के नाम पर है, तो बिज़नेस टैक्स कौन भरेगा? मालिक या मालिक का कुत्ता?”
हालांकि इस मामले पर निगम अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है। लेकिन इस घटना से साफ़ है कि डिजिटल युग में एक क्लिक की गलती से कितना बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है!












