New Delhi : नीट पेपर लीक मामला: फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोप तय करने पर सुरक्षित रखा फैसला

नीट पेपर लीक मामला: फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोप तय करने पर सुरक्षित रखा फैसला नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली की विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोप तय करने पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। सीबीआई ने मामले में 14 आरोपी बनाए हैं, जबकि करीब 20 हजार से पन्नों की चार्जसीट दाखिल की है। राऊज एवेन्यू कोर्ट की विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने इस मामले में 12 अगस्त को सीबीआई के आरोप पत्र पर संज्ञान लिया था। सीबीआई ने मामले में अपना पहली चार्जशीट जुलाई में दाखिल की थी, जबकि केंद्रीय जांच एजेंसी ने पेपर लीक मामले की जांच के लिए मई 2026 में केस दर्ज किया था। अब विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट 18 नवंबर को अपना आदेश सुनाएगी। आरोपियों में यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवालदार शामिल हैं। केंद्रीय एजेंसी का दावा है कि तीन विषय विशेषज्ञों ने दिल्ली में एनटीए कार्यालय से अलग-अलग तरीकों से नीट परीक्षा के प्रश्न लीक किए। आरोपी ऐसा इसलिए कर सके, क्योंकि गोपनीय अनुभाग से बाहर निकलते समय उनकी तलाशी नहीं ली गई। सीबीआई ने जांच से पाया कि जीव विज्ञान (वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान) दस्तावेज को तेजस दभाडे ने 20 अप्रैल और 21 अप्रैल को स्नेहांजलि देशमुख और दिया शिंदे के नोट्स की फोटोकॉपी से टाइप किया था। ये नोट्स मनीषा संजय वाघमारे ने धनंजय निवृत्ति लोखंडे के माध्यम से सत्यजीत सोलुंके और तेजस को उपलब्ध कराए थे। एजेंसी ने कहा कि नीट परीक्षा के लीक हुए भौतिकी प्रश्नों वाले दो दस्तावेज हैं। इनमें से एक कथित रूप से आरोपी मनीषा संजय हवालदार के हस्तलेखन में है और इसमें 9 पन्नों में 68 प्रश्न हैं। उन्होंने इसे 25 अप्रैल को व्हाट्सएप के जरिए सह-आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे को भेजा। आरोपी मनीषा संजय हवालदार ने वही प्रश्न आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह को 14 अप्रैल 2026 को दिए। सीबीआई ने कहा कि रसायन विज्ञान पेपर लीक के संबंध में जांच से पता चला है कि दस्तावेज साक्षी धूमल के हस्तलेखन में हैं, जो उन अभ्यर्थियों में से एक हैं जिन्होंने पुणे में आरोपी पीवी कुलकर्णी के आवास पर कक्षाएं लीं, सिवाय खतीब मदीहा बेगम से बरामद दस्तावेज के, जो आरोपी शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर के हस्तलेखन में है। शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने यही दस्तावेज अपने बेटे आदित्य के माध्यम से पीवी कुलकर्णी से प्राप्त किया। सीबीआई ने कहा कि जांच के दौरान पूरे भारत में यानी राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू और कश्मीर, कर्नाटक, हरियाणा, बिहार, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में कई तलाशियां की गई हैं। लीक हुए प्रश्नों की भौतिक प्रतियां और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। 42 उपकरण और मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल के आवाज के नमूने भी जब्त/एकत्र किए गए हैं।

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Author: Bharatnewstv_1

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