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चीन का रेशम हो या ढाका का मलमल या फिर भारत की नील, प्राचीन भारत में कारोबार के लिए अहम

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कानपुर : चीन का रेशम हो या ढाका का मलमल या फिर भारत की नील, प्राचीन भारत में कारोबार के लिए अहम स्थलीय मार्ग के रूप में सिल्क रूट बेहद अहम था और चीन को इटली से जोड़ता था। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के संगठन इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने अब छोटे उद्यमियों को कारोबारी सुविधाओं का यही ‘सिल्क रूट’ उपलब्ध कराने के लिए अपना विस्तार दक्षिण एशियाई देशों से लेकर मध्य एशिया तक करना शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य विदेशी कारोबारियों के साथ तकनीक, उत्पाद और निवेश संबधी समझौतों से भारत के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों को नया बाजार और संभावनाएं उपलब्ध कराना है।
पिछले पखवारे नेपाल में सार्क देशों के एमएसएमई उद्यमियों का सम्मेलन हुआ था। इसमें आइआइए ने भी भागीदारी की थी। इस दौरान वैश्विक स्तर पर कई छोटे उद्यमियों के सामने आने वाली समस्याओं पर चर्चा हुई थी। भारत की तरफ से आइआइए के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कानपुर निवासी सुनील वैश्य और आइआइए की इसी सत्र में गठित इंटरनेशनल अफेयर कमेटी (आइएसी) ने शिरकत की थी। इसके बाद विदेशों में सुविधा केंद्र खोलने का निर्णय हुआ। अभी तक विदेशों में कारोबारियों के सहारे विदेशी औद्योगिक संगठनों को सुविधा उपलब्ध कराई जाती थी। अब वहां ऑफिस खोले जा रहे हैं। अभी तक आधा दर्जन देशों में केंद्रों में सुविधा शुरू कर दी गईं। इसी माह और केंद्र खोले जाएंगे।

यहां खोले सुविधा केंद्र

दुबई, तुर्की, नेपाल, म्यांमार, हांगकांग

यहां खुलेंगे

जर्मनी, जापान, भूटान, मालद्वीव, श्रीलंका, चीन, बांग्लादेश।

ये कारोबारी दल आने वाले

आइएसी की पहल पर मई में नेपाल से टेक्सटाइल कारोबारी संगठन, जून के पहले सप्ताह में नेपाल से लेदर उद्यमी तथा जुलाई में बांग्लादेश से लेदर गारमेंट और फुटवियर सेक्टर के औद्योगिक संगठनों का प्रतिनिधिमंडल आएगा। ये संगठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिलेंगे।

ये देंगे सुविधाएं

– उत्तर प्रदेश और पूरे भारत में टेक्सटाइल एवं लेदर संबंधी उद्योगों के निवेश संबंधी जानकारी।

– एसएमई सेक्टर में तकनीक संबंधी सहयोग के लिए राह तैयार करना

– संबंधित देश के प्रमुख एसएमई संगठनों के साथ कारोबारी रिश्ते मजबूत करना।

– छोटे उद्यमियों के लिए कारोबारी मेलों की राह खोलना।

”अभी हम कारोबारियों से सुविधा केंद्रों जैसी सेवाएं ले रहे थे। अब वहां आफिस खोले जाएंगे। विदेशी कारोबारियों संग तकनीक और निवेश पर समझौते भी होंगे। यह एमएसएमई के लिए बड़ी सुविधा होगी। – नीरज सिंघल, चेयरमैन आइएसी, आइआइए

”आइआइए छोटे उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए नए समझौतों की तरफ बढ़ रही हैं। सुविधा केंद्र इसमें सहयोगी भूमिका निभाएंगे। हमारा लक्ष्य सार्क देशों के अतिरिक्त मध्य एशिया में भी सुविधा केंद्रों का विस्तार करना है। – सुनील वैश्य, राष्ट्रीय अध्यक्ष आइआइए

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रिपोर्टर
धीरज श्रीवास्तव
कानपुर नगर
उत्तर प्रदेश भारत न्यूज़
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