
मेरिका-इजराइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला — 1,000 से अधिक लक्ष्य निशाने पर, बम गिराए; ट्रम्प बोले — तीन सैनिकों की मौत का बदला लूँगा
दिनांक: 1–2 मार्च 2026
तेहरान / वाशिंगटन — संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई और मिसाइल हमले किए हैं, जिसमें सेना ने 1,000 से अधिक अलग-अलग ठिकानों पर निशाना साधा है। यह जानकारी अमेरिकी सेनाध्यक्षों ने अपने बयान में दी है।
हमलों में ईरान की सैन्य बुनियादी ढाँचे, मिसाइल साइटों, कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर्स, नौसेना सुविधाओं और अन्य रणनीतिक मिलिट्री स्थानों को टारगेट किया गया। इसमें विस्तृत रूप से B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स, कई लड़ाकू विमान और ड्रोन भी शामिल हैं।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा है कि संयुक्त अभियानों में 2000 पाउंड वजन के भारी बम का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे ईरान के मिसाइल ठिकानों को भारी नुकसान पहुँचा।
🇺🇸 तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत — ट्रम्प का बयान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि इन ऑपरेशनों के दौरान तीन अमेरिकी सेवा सदस्य मार गए और पाँच अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं — यह पहली बार है जब अमेरिका ने इस संघर्ष में अपने सैनिक हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि की है।
Donald Trump ने एक वीडियो संदेश में कहा कि वे इन जवानों के परिवारों के प्रति “पूरी संवेदना” जताते हैं और ऐलान किया कि “हम इस मौत का बदला लेंगे और संघर्ष को आगे बढ़ाएंगे।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि संघर्ष जारी रह सकता है और “अधिक अमेरिकी सैनिकों की मौत संभव है
⚔️ हमले का असर और जवाबी कार्यवाही
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ईरान की तरफ से भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए हैं, जिनमें गहराई से क्षेत्रीय तनाव बढ़ा है और कई स्थानों पर विस्फोट तथा क्षति की खबरें आई हैं।
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इस संघर्ष के कारण मध्य पूर्व में सुरक्षा हालात अस्थिर हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया भी तेज़ हो रही है।








