मनरेगा समाप्ति पर चिंता: ग्रामीण रोज़गार और अर्थव्यवस्था प्रभावित होने का खतरा
मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के समाप्त होने की संभावनाओं को लेकर कई विशेषज्ञ और सामाजिक संगठन चिंतित हैं। उनका कहना है कि इस योजना के खात्मे का असर सीधे गरीब ग्रामीणों के रोज़गार, राज्यों की आर्थिक और राजनीतिक शक्ति, और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, मनरेगा केवल रोज़गार का साधन नहीं है, बल्कि ग्रामीण समुदायों के लिए एक आर्थिक सुरक्षा जाल और स्थानीय विकास का महत्वपूर्ण स्तंभ भी है। इसके बंद होने से ग्रामीण इलाकों में बेरोज़गारी बढ़ सकती है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर होगी और देश के समग्र विकास पर असर पड़ेगा।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब गांव कमजोर होंगे, तो देश की ताकत भी प्रभावित होगी। उन्होंने सरकार से अपील की है कि इस योजना के महत्व को समझते हुए इसे समाप्त करने से पहले व्यापक विचार-विमर्श किया जाए।












