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किसानों के अभिभावक बने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ

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भोपाल : अखिल भारतीय कांगे्रस कमेटी के मीडिया समन्वयक एवं प्रवक्ता अभय दुबे ने जारी एक बयान में कहा है कि मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किसानों के अभिभावक की भूमिका निभाकर अभिभूत किया है।

ज्ञातव्य है कि रबी सीजन 2018-19 दिसम्बर माह में यूरिया की मांग/ आवंटन 3 लाख 70 हजार मेट्रिक टन की तुलना में मोदी सरकार ने मात्र 1 लाख 65 हजार मेट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति मध्यप्रदेश को की थी। समूचे मध्यप्रदेश में किसानों के साथ उवर्रक का एक कृत्रिम संकट पैदा कर भाजपा के प्रादेशिक नेतृत्व और केंद्र की मोदी सरकार ने एक षड्यंत्र रचा था। मगर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तत्परता से किसानों के हित में कदम उठाते हुए केंद्र सरकार के उवर्रक मंत्री और रेल मंत्री के सम्मुख दृढ़ता से किसानों का पक्ष रखा।

पिछले 24 घंटे में मुख्यमंत्री कमलनाथ के प्रयासों से ग्वालियर, दतिया और मुरैना के लिये 2600 मेट्रिक टन, छतरपुर के लिये 3139 मेट्रिक टन, रायसेन, भोपाल और सीहोर के लिए 3000 मेट्रिक टन, खंडवा, बुरहानपुर और बड़वानी के लिए 3194 मेट्रिक टन और शाजापुर, राजगढ़ तथा आगर के लिए 3001 मेट्रिक टन यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करायी है।

इतना ही नहीं यूरिया की जो रेक रास्ते में है, जिसकी 24 और 25 दिसम्बर को मध्यप्रदेश पहुंचने की संभावना है वे हैं, 2600 मेट्रिक टन सतना, सिंगरौली, रीवा, सीधी, 3000 मेट्रिक टन छिंदवाड़ा, सिवनी, 2730 मेट्रिक टन होशंगाबाद, 3236 मेट्रिक टन हरदा, देवास, 2750 मेट्रिक टन कटनी, शहडोल, उमरिया, अनपूपुर, 1451 मेट्रिक टन भोपाल, रायसेन, सीहोर। इसी प्रकार 26 दिसम्बर को रतलाम, धार, मंदसौर उज्जैन में 3000 मेट्रिक टन उवर्रक पहुंचेगा।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने डीएपी, काम्पलेक्स, एमओपी की उपलब्धता भी पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाये हैं। विगत तीन दिनों में उवर्रक 1 लाख 65 हजार मेट्रिक टन से बढ़कर 2 लाख 39 हजार मेट्रिक टन सुनिश्चित किया गया है।

दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि भारतीय जनता पार्टी चुनावी रण में कांग्रेस पार्टी से मुकाबले की अपेक्षा किसानों के खेतों से बदला ले रही है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की भूमिका एक दृष्टा की दिखाई देती है जो हर संभव कोशिश कर किसानों के प्रति अपनी संवेदनशीलता के साथ उनके सहयोग के लिए अग्रणी भूमिका निर्वहन कर रहे हैं। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी किसान भाईयों को आश्वस्त करती है कि वे जरा भी चिंतित न हों उनकी आजीविका की लड़ाई के लिए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री सदा उनके साथ खड़े रहेंगे।