ईरान-इजराइल जंग के बीच पीएम आवास पर सुरक्षा समिति की बैठक; मोदी ने यूएई राष्ट्रपति से एकजुटता जताई, नेतन्याहू से शांति की अपील
नई दिल्ली: Narendra Modi ने ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच अपने आवास पर उच्च-स्तरीय सुरक्षा समिति (CCS) की बैठक बुलाई। बैठक में क्षेत्रीय हालात, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर चर्चा हुई।

🇦🇪 यूएई राष्ट्रपति से बातचीत
प्रधानमंत्री ने Mohamed bin Zayed Al Nahyan से फोन पर बात कर क्षेत्रीय स्थिरता के समर्थन का आश्वासन दिया और कहा कि भारत शांति एवं संवाद के प्रयासों में सहयोग के लिए तैयार है। यूएई खाड़ी क्षेत्र में भारत का प्रमुख साझेदार है, इसलिए ऊर्जा और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया।
🇮🇱 नेतन्याहू से संघर्ष जल्द खत्म करने की अपील
मोदी ने Benjamin Netanyahu से भी बातचीत की और नागरिक हानि कम करने तथा तनाव कम करने की दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि “संघर्ष जल्द समाप्त हो और कूटनीतिक रास्ता अपनाया जाए।”
🔎 बैठक में क्या चर्चा हुई?
- पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का भारत की सुरक्षा पर प्रभाव
- तेल आपूर्ति और शिपिंग लेन्स (विशेषकर खाड़ी मार्ग)
- क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए आपात योजनाएँ
- अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ समन्वय
🌍 भारत का रुख
भारत ने परंपरागत रूप से संतुलित नीति अपनाते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद के माध्यम से समाधान खोजने की अपील की है। सरकार का जोर नागरिकों की सुरक्षा, ऊर्जा स्थिरता और क्षेत्रीय शांति पर है।
यदि आप चाहें तो मैं:
- इस बैठक के आधिकारिक बयान का सार,
- भारत की पश्चिम एशिया नीति का विश्लेषण, या
- संभावित आर्थिक/तेल बाज़ार प्रभाव








