दीघा के जगन्नाथ मंदिर में प्रसाद के रूप में जो दिया जाएगा, वह स्थानीय दुकान का पेरा है- शुभेंदु
बेबी चक्रवर्ती: कोलकाता:- 2026 के चुनाव से पहले दीघा का जगन्नाथ मंदिर अब चर्चा का विषय बन गया है। जगन्नाथ मंदिर का प्रसाद रथ से पहले बंगाल के हर घर में पहुंचेगा- ऐसा मुख्यमंत्री ने दावा किया है। और शुभेंदु को इस ‘प्रसाद’ शब्द पर आपत्ति है। यह घोषणा की गई है कि दीघा के जगन्नाथ मंदिर का प्रसाद रथ से पहले हर घर में पहुंचाया जाएगा। इस डिब्बे पर पेरा, गज और मंदिर की तस्वीरें होंगी। बताया गया है कि 17 जून से प्रसाद कैसे वितरित किया जाएगा, किसके माध्यम से वितरित किया जाएगा। एसडीओ और बीडीओ से इलाके की अच्छी मिठाई दुकानों की सूची भी मांगी गई है। और यहीं पर शुभेंदु अधिकारी को आपत्ति है।
विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को पत्रकारों से मुखातिब होते हुए प्रसाद की आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि मंदिर के प्रसाद के रूप में स्थानीय दुकान से मिठाई क्यों दी जाएगी। उनके मुताबिक इस मामले में हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंची है। आम लोगों को संबोधित करते हुए शुवेंदु ने कहा, ‘इन्हें मिठाई के रूप में लें, प्रसाद के रूप में नहीं।’ उन्होंने टिप्पणी की, ‘यह वास्तव में प्रसाद नहीं है।’ कहा गया है कि खाद्य विभाग की परियोजना ‘डोर-टू-डोर राशन’ के जरिए इस प्रसाद के डिब्बे घर-घर पहुंचाए जाएंगे। बीडीओ को इस संबंध में सारी व्यवस्था करनी होगी। गौरतलब है कि पैकेट की सामग्री नवान्न द्वारा तय की गई है। पेरा दूध, खीर, चीनी और इलायची जैसी सामग्री से बनेगा। यह 4.8 सेंटीमीटर मोटा होगा और इसका वजन 20 ग्राम होगा। 60 ग्राम का गाजा भूरे रंग का होगा।










