अंतरराष्ट्रीय पंचवन काव्य महोत्सव :-
बेबी चक्रवर्ती:- साहित्य समाज का दर्पण है, आधुनिक युग का बड़ा हथियार है, सृजनकर्ता से विरोध करना है। शनिवार को कोलकाता के कृष्णपद मेमोरियल हॉल में सौ से अधिक पंचवन कविताओं के साथ छठे वर्ष का महोत्सव अंक प्रकाशित हुआ। कोलकाता के कृष्णपद मेमोरियल हॉल में आज करीब 200 कवियों की मौजूदगी में अंतरराष्ट्रीय पंचवन काव्य महोत्सव मनाया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न कवि और तुकांतकार मौजूद थे। करीब 300 कवियों द्वारा लिखित पंचवन काव्य संग्रह प्रकाशित किया गया। इस कार्यक्रम में पंचवन काव्य के रचयिता कवि श्री सुशांत घोष भी शामिल हुए। कार्यक्रम का संपादन कवि श्री आशा सरकार ने किया। अध्यक्षता कवि गोपाल चक्रवर्ती ने की। कवि सोमा कर, कवि बकुल बैरागी काबी, मदन चक्रवर्ती, कवि वरुण चक्रवर्ती समेत कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे। इस अवसर पर पंचबाण काव्य के रचयिता कवि सुशांत बाबू ने कहा कि सुदूर गांवों से नए-पुराने कवियों को आमंत्रित कर उनकी समृद्ध रचनाओं से पंचबाण का यह संग्रह विविध विषयों पर आधारित बांग्ला साहित्य को प्रवाहमान रूप में समृद्ध करेगा तथा पंचबाण काव्य के रचयिताओं के सौन्दर्य से परिपूर्ण कर बांग्ला साहित्य के पथ को अविरल बनाए रखने में सफल होगा।










